एक हजार से ₹7500 तक बढ़ाई जाएगी पीएफ पेंशन? सरकार का आ गया जवाब PF Pension Hike Update

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PF Pension Hike Update: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों लोगों को EPS के अनुसार इस समय 1000 रुपए की पेंशन दी जाती है जिसे यह कर्मचारी बढ़ाकर 7500 रुपए करने की मांग कर रहे हैं लेकिन  ऐसा नही लग रहा कि इनकी यह मांग इतनी जल्दी पूरी हो जाएगी श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने लोकसभा में लिखित सबाल के जबाब में यह बात को कहा है प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती EPF खाते में भेजी जाती है इसके अलावा कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारियों के पीए खाते में जमा करती है एम्प्लॉयर की तरफ से जमा किए जाने वाले पैसे में 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जमा होता है

श्रम और रोजगार मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री शोभा करांदलाजे ने कहा है कि 31 मार्च 2019 तक EPS फंड के मूल्यांकन के अनुसार इसमें एक एक्चुअरी डेफिसिट है यह जवाब एक लिखित सवाल के जवाब से आया है सरकार से पूछा गया था कि क्या सरकार EPS 95 के अनुसार न्यूनतम पेंशन को ₹1000 से बढ़ा कर 7500 प्रति माह करने में विचार कर रही है तो इसका जवाब कर शोभा करांदलाजे ने कहा है कि EPS 95 एक डिफाइंड कंट्रीब्यूशन डिफाइंड बेनिफिट वाली सामाजिक सुरक्षा योजना है। लोकसभा में एक लिखित प्रश्नों के उत्तर में श्रम और राज्य मंत्री ने बताया है कि EPS फंड की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि न्यूनतम पेंशन को तुरंत बढ़ाया जा सके मंत्री ने यह भी कहा है कि 31 मार्च 2019 तक हुए मूल्यांकन के अनुसार ईपीएस में Actuarial Deficit यानीकी वित्तीय घाटा दर्ज हुआ है जिसके अनुसार पेंशन फंड में उतनी राशि उपलब्ध नहीं है जितनी उच्चतर पेंशन देने के लिए आवश्यक है।

कर्मचारी पेंशन फंड का कोष

मंत्री ने बताया है कि कर्मचारी पेंशन फंड का कोष दो चीजों से मिलकर बनता है जिसमें एम्प्लायर का 8.33% वेतन का योगदन तथा केंद्रीय सरकार का बजट से मिलने वाला 1.16% वेतन का योगदन होता है जो हर महीने ₹15,000 तक के वेतन पर लागु किया जता है मंत्री ने आगे भी कहा है कि योजना के अनुसार मिलने वाले सभी लाभ इसी जमा राशि पर दिये जाते हैं EPS 1995 के पैरा 32 के अनुसार फंड का सालाना मूल्याकन होता है 31 मार्च 2019 तक के फंड के मूल्याणकन के अनुसार इसकी एक्चुअरी डिफिसिट यानी की आकड़ो का घटा हुआ।

बेसिक सैलरी का 12% EPF खाते में होता है जमा

मौजूद व्यवस्था के अनुसार प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 12% EPF खाते में जमा होता है इसी के बराबर राशि नियुक्ता भी योगदान देता है नियुक्ता द्वारा जमा किए गए योगदान में से 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जमा किया जाता है इसी फंड के आधार पर भविष्य में कर्मचारियों को पेंशन दी जाती है लेकिन फंड की वर्तमान आर्थिक हालात देखते हुए सरकार पेंशन में भारी वृद्धि करने की स्थिति को नहीं दिखती। मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि EPS 95 एक डिफेंडेड कंट्रीब्यूशन और डिफेंडेड बेनिफिट्स वाली सामाजिक सुरक्षा योजना है इस योजना में तय योगदान और सिविल संसाधनों के आधार पर ही लाभ को तय किया जाता है इसलिए किसी भी बड़े बदलाव के लिए फंड की वित्तीय स्थिति मजबूत होना जरूरी है

पेंशन बढ़ाने की मांग

EPS 95 के मेंबर द्वारा लंबे समय से पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग आ रही थी मौजूदा पेंशन राशि आज की महंगाई दौर के जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है इनका कहना था कि सरकार इस राशि को बढ़ाकर कम से कम 7500 करें जिससे व्यक्ति की जरूरत को पूरा किया जा सके सरकार ने कहा है कि EPS 95 एक समाजिक सुरक्षा योजना है और इसके लाभ फंड में राशि जमा में दी जाती है 31 मार्च 2019 तक के मूल्यांकन में फंड में घाटा पाया गया है जिसका मतलब है कि फंड में भविष्य को पेंशन देने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है।